Skip to main content

Posts

यह विदाई होती बड़ी दुखदाई ।हां विदाई होती बड़ी दुखदाई।

लगता सुहाना बाबुल का अंगना ।खेले हमने खेल खिलौने। याद आएंगे ये यह बाग बगीचे। यह गलियां सारी सहेलियां। भूलेंगे कैसे बताओ हम इनको ।यह विदाई होती बड़ी दुखदाई। हां विदाई होती बड़ी दुखदाई ।
दादा दादी के गोद का झूला। कैसे भूलेंगे बताओ उनको ।मां बाबा की प्यारी बातें कैसे भूलेंगे बताओ उनको।
भाई रोए बहना रोएं। रोएंगे सारा घर अंगना ।हम छोड़ चले इन सब को ।कौन भला संभाले इनको ।
आंखों के आंसू टपके देखो ।कौन भला पूछेंगे इनको ।किसने बनाई है रीत पुरानी। जिसका दिल बना पत्थर का ।
लाडली को कैसे विदाएं ।जो थी हमारी आंखों की ज्योति। वो राजा रानी की कहानी। हमको बड़ा तड़पाएगी।
 सुनी हो गई गांव की गलियां ।सुना है दिल अपना ।यह विदाई होती बड़ी दुखदाई ।हां विदाई होती बड़ी दुखदाई ।
यह दुनिया कितनी जालिम है ।बेटी को जो बोझ समझते ।भूल जाते हैं उनके सपनों को। जल्दबाजी में शादी करा देते ।दिल के अरमां दिल में रह जाते ।चाकू बेलन हाथ में ही रह जाते। अनमोल है यह प्यारी गुड़िया ।दहेज देकर करो ना पराया। छोटी उम्र में करो ना शादी। बेटियां तो होती पराई।   यह विदाई होती बड़ी दुखदाई ।हां विदाई होती बड़ी दुखदाई।
Recent posts

धोखा खाने वाले से ज्यादा धोखा देने वाला रोता है सच में हमेशा यही होता

लड़कियां कभी भी नहीं टूटती बहुत जज्बाती होती हैं लड़कियां जब उसके जज्बातों को कोई पैरों तले रौंद देता है 
तो वह अंदर ही अंदर टूट जाती है पता है लड़कियां की खूबी होती हैं वह सब पर भरोसा जल्दी कर लेती हैं लेकिन जब 
कोई उसे धोखा देता है तो वह घुट घुट के जीती है वह बहुत रोतीहै।उसकी चीजें कभी किसी को सुनाई नहीं देती पता 
हैंधोखा है ऐसा जहर होता है कि किसी को दे दिया जाए तो वो मरता तो नहीं पर जिंदा लाश जरूर बन जाता है 
धोखा खाने वाले से ज्यादा धोखा देने वाला रोता है सच में हमेशा यही होता
लेखक = माया जोशी जालोर

प्रेम को पहचानो यारों प्रेम के महत्व को जानो यारों

प्रेम को पहचानो यारों प्रेम के महत्व को जानो यारों ईशा जलन को मिटाओ प्यारो सबको प्रेम से गले लगाओ
 2 दिन की जिंदगी 2 दिन का साथ 1 दिन सबको जाना है  श्री कृष्ण के द्वार प्रेम से हम आ सकते हैं गिरधर हरि गोविंद 
मोह माया का त्याग करो आंखों आंखों से यह पर्दा हटा लो श्री कृष्ण को मन में बसा दो सारे कष्ट हरि को सौंप दो 
यारो प्रेम में रखो विश्वास जैसे कबीर रहीम और रैदास मीरा ने प्रेम किया था श्री कृष्ण को अपना प्यार कहा था आए गोविंद अमृत बनकर जहर राणा का नष्ट किया था
 प्रेम किया था नरसी जी ने लाज रखी थी कृष्ण हरि ने 56 करोड़ का मायरा था नैनी बाई का भात भरा था प्रेम की है अद्भुत शक्ति इसी में है
 भगवान की भक्ति प्रेम सुंदर सुखमय सागर प्रेम ही परम पिता परमेश्वर

लेखक = माया जोशी जालोर

एक मा कि कहानि मेरि जुबानि!

कहते हैं भगवान हर वक्त सबके साथ नहीं होता लेकिन उन्होंने एक इंसान को हमारे लिए भेजा है वह है मां मां हमारे जन्म से ही एक ऐसा साथी बन जाती हैं कि हम हर अपनी परेशानी अच्छी बुरी बातें उनके साथ बांटते हैं
 हम कितने भी अच्छे बुरे काम करें लेकिन मां हमको मारती नहीं हमें समझाती है सही और गलत का अंतर बताती हैं 
कभी-कभी लगता है यह मां किस मिट्टी की बनी होती है ऊपर से मोम की तरह कोमल और अंदर से बहुत मजबूत होती हैं 
पूरे घर को इतनी आसानी से संभाल देती हैं पूछो ही मत खुद भले भूखी सो जाए पर बच्चों को पेट भर खिलाकर सोते हैं 
खुद की ले बिस्तर पर सो जाए पर अपने बच्चों को हमेशा सूखे में सुलाती हैं अपना हर धर्म हर जिम्मेदारी बहुत अच्छे से निभाती हैं
 दुनिया की नजरों में उनके बच्चे कैसे भी हो पर मां की नजर में अपने बच्चे दुनिया की सबसे बेस्ट सितारे होते हैं
 मां शब्द ऐसा है कहने में सारा संसार समा जाता है वह मां ही होती हैं जो पापा जब मारने पीटने आते हैं 
हमको तो वह बीच में आकर हमें बचाती हैं उसके बदले में खुद को कितनी भी तकलीफ हो वह पीछे नहीं होती जब टीचर डंडे मारते है 
तो बिना सोचे समझे झगड़ पड़ती है उनसे वो …

साथी ऐसा साथ निभाए साथी ऐसा साथ निभाए! कविता

साथी ऐसा साथ निभाए साथी ऐसा साथ निभाए
साथी ऐसा साथ निभाए आख के आंसू बाहर ना आए हर पल खुशियों की बरसात कराएं गम के साए पास ना आए 
जीवन भर जो साथ निभाए प्यार भरा वो गीत सुनाए  सपनों की दुनिया में मुझे ले जाए सुखो का संसार दिखाएं 
अगर मिले ऐसा कोई साथी उसका जीवन उसका धन्य हो जाए ,दिल में रखे उसकी याद हर वक्त करे वह इंतजार
 जीवन की वह घड़ी भी कैसी जिसका एक पल गुजरे उसके इंतजार में वह इंतजार भी बड़ा भारी हो जाए
 जिसके कदमों पर अपनी दुनिया लुटाए मेरी तमन्ना है यही यारों ऐसा साथी सबको मिल जाए, यारों जो दे प्यार सम्मान और इज्जत वह साथी कभी हमसे दूर ना जाए 
बागो से चुन-चुन कर फूल वो लाए उन फूलों से मुझे सजाए ध्यान रखे वह हर पल मेरा एक छोटी सी खरोच ना आए साथी ऐसा साथ निभाए साथी ऐसा साथ निभाए

कहानी चितौड़ के राजा महाराणा प्रताप की ! Story of Maharana Pratap, King of Chittor !

कहानी चितौड़ के राजा  महाराणा प्रताप की !
जो लड़ा था अकबर से, वो ऐसा बलवान कहांजिसने जन्म भूमि के कारण छोड़ा राजसी थाट,
यहां दर-दर भटके वन मैं वह संग अपने परिवार के, आन बान शान के खातिर खड़ा हुआ प्रताप यहां,
कभी ना झुकाना कभी झुकेगा उसके सर का वह ताज राजस्थान के धन्य धरा पर हुए थे
 ऐसे वीर यहां प्राणों की आहुति देकर छेड़ा था संग्राम  यहां एक घास की रोटी थी ले गई दूर वह एक बिल्ली थी
 राजकुमार भाग्य पीछे जिसके वह घास की रोटी थी  किस्मत का खेल निराला था वह चित्तौड़ का राजा था
 एक झोंके ने बदल दीया था राजा से रंक किया था  वह चेतक का असवारी था प्रजा का मनोहरी था 
भामाशाह ने पूंजी दी थी चित्तौड़ की रक्षा करने में प्रेम से लगाया गले भामाशाह को वह महाराणा प्रताप हि था
Story of Maharana Pratap, King of Chittor !

Who fought with Akbar, where is he so strong Who left the royal court due to birth place,
Here, I wandered one by one with my family, Pratap stands here for the sake of pride
Never bow down, never bow down, the crown of his head was on the blessed land of Rajasthan
 The war was waged by sacrificing the l…

A poem based on coronavirus ! कॉरोना वायर्स पर आधारित एक कविता!

A poem based on coronavirus ! कॉरोना वायर्स पर आधारित एक कविता!
देश हमारा जूझ रहा है एक ऐसी बीमारी से,
हर तरफ है कहर तेरा  देखो कोरोनावायरस का,

होती खांसी तेज बुखार सांस में होती बड़ी तकलीफ,
गले में होता दर्द बड़ा कोरोना तेरा कहर बड़ा,

छोड़ा नहीं किसी को  यह डॉक्टर नर्स हो आम इंसान,
ढेर हो जाते सारे वही जो कोरोना को गले लगाए,

थोड़ी अपनी केयर करो कोरोना से तुम बच के रहो,
20 सेकंड तक का हाथ धो लो बाहर जाने की जिद को छोड़ो,

चलो मान लिया तुम हो गए बोर, घर बैठे बैठे हो गए ढोल,
खेलो लूडो कैरम बोर्ड वक्त तुम्हारा है अनमोल,

मास्क पहने तुम हर रोज अपने परिवार को करो सपोर्ट
कुछ टाइम बिता लो उनके साथ जो है तुम्हारे जीने का आधार,

मदद करो तुम उन लोगों की जिनके पास नहीं कुछ,
और दो रोटी ना मिले समय पर भूखे सोते वह हर रोज,

ना हाथ मिलाना ना बातें करना रहो हमेशा सबसे दूर,
अजनबी यों के पास न जाना सोशल डिस्टेंसिंग को दिल से निभाना,

कॉरोना वायर्स पर आधारित एक कविता
लेखक = माया जोशी जालोर
प्ल्ज़्ज़ आगे share जरूर करना

A poem based on coronavirus

The country is struggling with such a disease,

There is havoc o…